जमशेदपुर

बालिका दिवस पर किशोरियों ने निकाली रैली, लगाई चौपाल

सामाजिक संस्था युवा की ओर से आज पोटका के तेंतला पंचायत में  अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर किशोरियों ने रैली निकाली तथा चौपाल लगाई।
सामाजिक संस्था युवा की ओर से आज पोटका के तेंतला पंचायत में  अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर किशोरियों ने रैली निकाली तथा चौपाल लगाई।

समवेत स्वर में कहा , मेरा शरीर मेरा अधिकार

जमशेदपुर, 11 अक्टूबर: सामाजिक संस्था युवा की ओर से आज पोटका के तेंतला पंचायत में  अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर किशोरियों ने रैली निकाली तथा चौपाल लगाई।

चौपाल की विशेषता यह थी यह लड़कियों द्वारा ही आयोजित थी।

मंच भी पर भी लड़कियां ही आसीन थी सवाल जवाब भी लड़कियां ही कर रही थीं। यह दिन किशोरियों के द्वारा किशोरियों के लिए और किशोरियों के साथ मनाया गया। इसकी शुरुआत रैली के माध्यम से की गई।

ली गाँव गाँव में घूम घूम कर  पैदल और साईकल के द्वारा की गई। रैली का नेतृत्व  आई एम बी बैच एक की किशोरियों के द्वारा की गई।

रैली का मुद्दा जो किशोरियों द्वारा तैयार किया गया - यौनिकता , गर्भ समापन, पसंद , सहमति, ट्रांस जेंडर और विकलांग लोगों  की समाज में भागीदारी, मेरा शरीर मेरा अधिकार इत्यादि । गाँव गाँव जागरूकता रैली करने के दौरान बहुत से ग्रामीणों के द्वारा के  किशोरियो के लिए जगह जगह पानी का भी प्रबंध किया गया और रैली का समर्थन किया। रैली घूमते हुए  पंचायत में पहुंची। इसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत की गई  जिसका संचालन अंजना देवगम ने किया उपस्थित सभी किशोरियों, महिलाओं , महिला पंचायत प्रतिनिधि और SHG समूह की महिलाओं का स्वागत किया गया एवं परिचय के दौरान आई एम बी का कार्यक्रम कैसे एक अभियान  मुझे भी गिनो के बारे में किशोरियों  के संघर्ष को  बताया गया।

आई एम बी बैच 1 की किशोरियों  ने अपने किए गए एक्शन प्रोजेक्ट के बारे में अपनी जानकारी और अपने अनुभव को साझा किया कि किस तरह से उन्होंने अपने गांव में महिलाओं और किशोरी से जुड़े मुद्दों को पहचाना और उनका चयन किया और अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से समाज में बदलाव लाने का काम किया।

युवा संस्था की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती ने कहा कि किस तरह से अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत वर्ष 2012 से हुई और यह दिन  लड़कियों के लिए बहुत खास है आए दिन हम समाज में देखते हैं कि कैसे जेंडर के आधार पर किशोरियों  के  साथ भेदभाव किया जाता है।

उनके पहनावे, खानपान, खेलकूद, पसंद  सहमति, निर्णय लेने,  गर्भ समापन, प्यार, दोस्ती, शिक्षा और बाहर आने जाने को लेकर  नियंत्रित किया जाता है जिस कारण से लड़कियां अवसरों से वंचित हो जाती है। इन सभी अधिकारों से ट्रांसजेंडर एवं विकलांग साथी भी वंचित हो जाते हैं। लड़कियों ने शपथ ली कि मेरे शरीर पर सिर्फ मेरा अधिकार है अपने शरीर पर किसी और का नियंत्रण नहीं होने देंगे।

कार्यक्रम में पीपीटी की प्रस्तुति पूजा उर्मिला और भवानी ने तथा प्रश्नोत्तरी का संचालन आराधना एवं संजना ने किया रैली का नेतृत्व रीना और उनकी सहेलियाँ कर रही थीं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा की चंद्रकला मुंडा अवंती सरदार रितिका मायनो ज्योति हेंब्रम आदि ने सक्रिय भूमिका निभायी।

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